ट्रांसपोर्ट नगर ट्रक स्टैंड में दिखा रंग-बिरंगा दुर्लभ फ्लाइंग स्नेक
- वन विभाग और RCRS टीम ने रेस्क्यू कर की पहचान
- निकला फ्लाइंग स्नेक यानी उड़न सर्प
- पेड़ों के बीच हवा में ग्लाइड करने वाला दुर्लभ सांप
कोरबा (कोरबा वाणी)- – कोरबा के टीपी नगर स्थित ट्रक स्टैंड में उस वक्त हड़कंप और कौतूहल का माहौल बन गया, जब एक ट्रक ड्राइवर की नजर अपने ही ट्रक में मौजूद बेहद खूबसूरत और रंग-बिरंगे सांप पर पड़ी। अनोखे रंग-रूप वाले इस सांप को देखकर ड्राइवर भी हैरान रह गया। मामला वन विभाग तक पहुंचा और फिर मौके पर पहुंची RCRS की टीम ने जब सांप की पहचान की तो हर कोई चौंक गया। ये कोई आम सांप नहीं, बल्कि फ्लाइंग स्नेक यानी उड़न सर्प था जो पेड़ों की डालियों के बीच हवा में ग्लाइड करने के लिए जाना जाता है।
घटनाक्रम के अनुसार कोरबा के टीपी नगर स्थित ट्रक स्टैंड में आम दिनों की तरह ट्रकों की आवाजाही जारी थी, लेकिन अचानक एक ट्रक चालक अनिल निषाद ने अपने ट्रक में एक बेहद खूबसूरत और रंग-बिरंगा सांप देखा। सांप का रंग और बनावट सामान्य सांपों से बिल्कुल अलग नजर आ रही थी। ड्राइवर समझ नहीं पाया कि आखिर ये कौन सी प्रजाति है। लिहाजा बिना किसी जोखिम के उसने तत्काल इसकी सूचना कोरबा वन मंडल को दी। वन मंडल ने सूचना RCRS यानी Reptile Care and Rescuer Society को फॉरवर्ड की।
सूचना मिलते ही RCRS के अध्यक्ष अविनाश यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे जहाँ सांप की पहचान फ्लाइंग स्नेक, यानी उड़न सर्प के रूप में हुई। रेस्क्यू टीम ने देखा कि सांप ट्रक के पीछे लगे हाइड्रोलिक मशीन के पास बैठा हुआ है। जगह बेहद संवेदनशील थी, क्योंकि जरा सी चूक होने पर सांप ट्रक के किसी दूसरे हिस्से में घुस सकता था। और अगर सांप मशीनरी के अंदर चला जाता, तो उसे तलाशना मुश्किल हो जाता। इतना ही नहीं, मशीन चालू होने की स्थिति में उसके घायल होने या दबने का भी खतरा था। कोरबा में इस दुर्लभ सांप के मिलने की खुशी लेकिन रेस्क्यू में आ सकने वाले संभावित अडचनों की मिश्रित जानकारी तत्काल कोरबाडफो को दी गई। जिनके निर्देश पर RCRS टीम ने बेहद सावधानी और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने इस खूबसूरत सांप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. रेस्क्यू के बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
अब सवाल ये कि आखिर ये उड़न सर्प ट्रक के अंदर पहुंचा कैसे? क्योंकि ट्रक चालक के मुताबिक वह सामान लेकर धरमजयगढ़, छाल और घरघोड़ा होते हुए कोरबा पहुंचा था। लेकिन सांप ट्रक में कब और कहां से घुसा, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं थी।
जानकारों के मुताबिक फ्लाइंग स्नेक पेड़ों की एक डाल से दूसरी डाल तक ग्लाइड करने की क्षमता रखता है। शरीर को चपटा और विशेष आकार देकर ये सांप हवा में काफी दूरी तक छलांग लगाता है। इसी वजह से इसे आम बोलचाल में ‘उड़न सांप’ कहा जाता है। इसके इसी विशेषता के आधार पर ऐसी संभावना जताई जा रही है कि रास्ते में कहीं पेड़ों के बीच ग्लाइड करते वक्त ये सांप चलते ट्रक पर आ गिरा होगा और ट्रक के साथ सफर करते हुए कोरबा पहुंच गया।
वजह जो भी रही हो गनीमत रही कि समय रहते ट्रक चालक की नजर इस खूबसूरत वन्यजीव पर पड़ गई। और सूचना मिलते ही वन विभाग और RCRS की टीम ने तत्परता दिखाई. मुश्किल जगह से सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया…
और उसे उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़कर उसकी जान बचा ली।
कोरबा में ट्रक के अंदर मिले इस दुर्लभ फ्लाइंग स्नेक का सुरक्षित रेस्क्यू एक बार फिर बताता है कि वन्यजीव दिखने पर घबराने या उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय तत्काल वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।



